मुंबई हाईकोर्ट ने यूट्यूब चैनल ‘एआईबी’ के एक कॉमिडी शो में आरोपी बनाए गए ऐक्टर रणवीर सिंह और अर्जुन सिंह को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इनके अलावा, कई फिल्मी हस्तियों के खिलाफ शो में गंदी और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में 2015 में एफआईआर दर्ज की गई थी।

न्यायाधीश आर.एम. सावंत और न्यायाधीश सारंग कोतवाल ने ऐक्टरों के वकील को निर्देश दिया कि वे पहले ऐक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत पर अपना पक्ष दौंडकर के सामने पेश करें। ऐक्टरों ने कोर्ट से निवेदन किया था कि उन्हें अंतरिम राहत देते हुए उनके विरुद्ध कोई कठोर कदम उठाने के लिए पुणे और मुंबई पुलिस को रोका जाए। लेकिन, खंडपीठ ने कहा कि इस निवेदन पर तभी विचार होगा, जब ऐक्टर अपनी याचिका की एक प्रति शिकायतकर्ता को देंगे। न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल तय की है।

गौरतलब है कि 20 दिसंबर 2014 को वर्ली में एक चैरिटी शो आयोजित हुआ था, जिसमें रणवीर सिंह, अर्जुन कपूर, करण जौहर, दीपिका पादुकोण और एआईबी के सदस्यों सहित 10 फिल्मी सितारे शामिल हुए थे। शो का विडियो यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जो दुनियाभर में वायरल हुआ। इसके बाद, फरवरी 2015 में दौंडकर ने गिरगांव स्थित चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में एक शिकायत दर्ज की और आरोप लगाया कि यह शो अश्लील और गंदा था। इस पर न्यायालय ने शो में शामिल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। ऐक्टर सिंह और कपूर ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, क्योंकि इससे पहले पुणे पुलिस की तरफ से उन्हें समन मिले थे। उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे पुलिस स्टेशन जाएं और अपना बयान दर्ज कराएं। उनका कहना था की उनके विरुद्ध दर्ज एफआईआर गलत इरादों से दर्ज की गई है। बाद में न्यायालय की एक अन्य पीठ ने पादुकोण, जौहर और एआईबी के अन्य सदस्यों को अंतरिम राहत देते हुए मुंबई और पुणे पुलिस को निर्देश दिया था कि कोर्ट के अगले आदेश तक उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई न की जाए।