मुंबई, महानगर के ड्रीम प्रॉजेक्ट कोस्टल रोड का निर्माण कार्य शुरू होने में 2 महीने की देर हो सकती है। मई-जून के अंत तक शुरू होने की संभावना है। इससे पहले अप्रैल अंत तक काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी। गौरतलब है कि पहले चरण में प्रिंसेस स्ट्रीट से सी-लिंक के वर्ली हिस्से तक का निर्माण होना है। बीएमसी कमिश्नर अजय मेहता ने ओआरएफ फाउंडेशन के बजट पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।

बीएमसी अस्पतालों की क्षमता हर साल 70,000 मरीजों का इलाज करने की है, लेकिन फिलहाल हर साल 1.4 करोड़ मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेहता ने कहा, ‘हम उपनगरों के अस्पतालों में बिस्तर बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी कायाकल्प करना जरूरी है, जिससे ‘मेडिकल स्टोर वाली डॉक्टरी’ पर लगाम लग सके। अक्सर लोग बुखार, सर्दी होने पर क्लिनिक न जाकर मेडिकल स्टोर वाले से दवा ले आते हैं, जिससे आगे रोग बढ़ने का खतरा होता है।’

बीएमसी की शिक्षा व्यवस्था पर खुद चिंता जताते हुए मेहता ने इस दिशा में कदम उठाने की बात कही। मेहता ने कहा, ‘गरीबी से निकलने का एकमात्र पासपोर्ट पढ़ाई ही है, लेकिन दुर्भाग्य से बीएमसी स्कूलों में शिक्षा का स्तर मानकों के अनुरूप नहीं है। हम इसे सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।’ यहां बता दें कि बच्चों की शून्य संख्या के चलते 35 स्कूलों पर पहले ही ताला लग चुका है। मेहता ने कहा, ‘हम बच्चों को दौरों पर भेजने की बजाय शैक्षणिक सुधार पर जोर देंगे।’

कुलाबा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट 2019 में तैयार हो जाएगा। इसके बाद, पानी को सीधे समुद्र में छोड़ने की बजाय, उसे प्रोसेस करके गार्डन और फ्लश जैसे कामों में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग इलाकों में कुल 7 ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, इस साल गारगाई-पिंजाल सहित पानी का एक अन्य स्त्रोत बनाने के काम के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो जाएगा। इससे अगले वर्ष तक वास्तविक काम शुरू हो सकेगा। मुंबईकरों की 2035 तक की जलापूर्ति इससे हो जाएगी।