भारतीय बैंकिंग सिस्‍टम को हिलाकर रख देने वाले इस घोटाले के आरोपी 48 वर्षीय मोदी की ज़िंदगी डायमंड की तरह चमकदार है। हमेशा चमक और चकाचौंध के बीच रहने वाले नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11.3 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक के घोटाले के केंद्र में बताए जा रहे हैं। वह डायमंड कैपिटल कहे जाने बेल्जियम के एंटवर्प शहर के मशहूर डायमंड ब्रोकर परिवार से ताल्लुक रखते हैं। मोदी खुद एक ग्‍लोबल ब्रांड हैं और तमाम भारतीय रईसों के वे करीब माने जाते हैं। यही वजह है कि जब पीएनबी के 1.8 अरब डॉलर इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ और लोगों को जानकारी मिली तो अधिकांश रईसों ने उनके बारे में बोलने से या तो इंकार कर दिया और जिन लोगों ने कुछ बोला भी तो इस शर्त पर कि उनका नाम ज़ाहिर  नहीं किया जाये।

हालांकि खबर यह भी है कि डायमंड बिजनेस के लिए मशहूर अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के मोदी कभी ज्वैलरी डिजाइनर नहीं बनना चाहते थे. अलबत्‍ता, डायमंड से अधिक उनका मन संगीत में लगता था। हालांकि एक दोस्त के कहने पर उन्होंने पहली ज्वैलरी डिजाइन की और फिर वे उसी के होकर रह गए। अपने उस दोस्त के कहने पर मोदी ने जो पहली इयरिंग्स डिजाइन की थी, उसमें जड़े हीरों की तलाश में वे कई शहरों में भटके। उनकी यह खोज आखिरकार रूस की राजधानी मॉस्को में पूरी हुई। यहीं से उनके डिजाइनर बनने की दिलचस्‍प कहानी शुरू हुई, जिसने उन्‍हें वह शोहरत दिलाई, जिसकी ख्‍वाहिश हर किसी को रहती है. आज वे उस एकमात्र भारतीय ज्वैलरी ब्रांड के मालिक हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में रहता है।

Nirav Modiअमेरिका के मशहूर वार्टन स्कूल के ड्रॉप आउट मोदी के नाम से उनका ज्वैलरी ब्रांड इतना मशहूर है कि उसके दम पर वे फोर्ब्स के भारतीय धनकुबेरों की 2017 की लिस्‍ट में 84वें नंबर पर पहुंच गए थे। वे 1.73 अरब डॉलर यानी लगभग 110 अरब रुपये के मालिक हैं और उनकी कंपनी का राजस्व 2.3 अरब डॉलर यानी लगभग 149 अरब रुपये है।

मोदी के डिजाइन किए गए गहने हॉलीवुड की हस्तियों से लेकर देसी धनकुबेरों की पत्नियों की शोभा बढ़ाते हैं। उनके द्वारा डिजाइन किया गया गोलकोंडा नेकलेस की 2010 में नीलामी हुई. यह 16.29 करोड़ में बिका था. इसी तरह 2014 में एक नेकलेस 50 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ था।