मुंबई, कमला मिल अग्निकांड को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस नेता व महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने फडणवीस सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में जाने की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं उन्होंने बीएमसी कमिश्नर अजोय मेहता को हटाने के साथ-साथ उन पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मसले को लेकर वे 16 जनवरी को राज्यपाल के. विद्यासागर राव से भी मुलाकात करने वाले हैं।

शुक्रवार को विखे पाटील ने कहा कि कमला मिल अग्निकांड में समाज के रसूखदार और रुतबेदार लोग शामिल हैं जिनका नागपुर कनेक्शन है। इसलिए इस सरकार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। इस हादसे के लिए खुद सरकार, उनके मंत्री और कमिश्नर मेहता जिम्मेदार है। ऐसे में सीबीआई ही इसकी जांच कर सकती है। सीबीआई जांच की मांग वे घटना स्थल पर मुआयना करने के बाद से ही कर रहे हैं लेकिन सरकार इसे अनसुना कर रही है।

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विखे पाटील ने कहा कि वे अगले सप्ताह राज्यपाल से मिलकर सरकार और प्रशासन की लापरवाही की जानकारी देंगे। इसके बाद भी सरकार ने सीबीआई जांच नहीं कराई तो वह कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे। विखे पाटील ने कहा कि बीएमसी आयुक्त ने बयान दिया था कि अवैध होटलों के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए नेताओं ने उन्हें फोन किए थे। उन नेताओं के नामों का खुलासा करने की मांग विखे पाटील ने की।

विपक्ष के नेता ने कमिश्नर के मोबाइल फोन की जांच करने की भी मांग की। कमला मिल अग्निकांड मामले में मोजो बिस्त्रो पब के फरार मालिक युग तुली की अब तक गिरफ्तारी न होने पर सवाल खड़े करते हुए विखे पाटील ने कहा कि युग तुली का नागपुर कनेक्शन काम आ रहा है। उसके नागपुर में होटल-पेट्रोल पंप हैं। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि पुलिस ने अब तक तुली को भगौड़ा घोषित क्यों नहीं किया?

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कुर्ला हादसे में कब होगी कार्रवाई, विधायक नसीम खान ने विधानसभा में उठाया था मामला 

विखे पाटील ने कहा कि कुर्ला साकीनाका खैरानी रोड स्थित भानू नमकीन में आग के कारण 12 मजदूरों की मौत हो गई थी। चूंकि मजदूर मरे थे इसलएि किसी ने उनकी सुधि नहीं ली। किसी अधिकारी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कमला मिल हादसे के बाद दबाव में आने के बाद बीएमसी के एक कर्मचारी पर कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि नागपुर के शीतकालीन सत्र के दौरान खैरानी रोड की घटना घटी थी। उस वक्त स्थानीय विधायक नसीम खान ने विधानसभा में यह मामला भी उठाया था, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच कराने और कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।