मुंबई, रेलवे में हो रहे धांधली पर लगाम लगाने के लिए भले ही प्रशाशन कई तरह के मुहीम चलाती है लेकिन सालों पुरानी इस गोरख धंधे पर अबतक लगाम नहीं लग पायी है। इसी मामले में ई-टिकट फ्रॉड के एक और केस का भंडाफोड़ करते हुए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने गुरुवार को एक युवक को गिरफ्तार किया जो प्रतिबंधित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से महज 2 क्लिक कर 42 टिकट उपलब्ध करा देता था। जानकारी  मुआत्बीक़ आरोपी नरेश मुंडे (29) वसई में मोबाइल की दुकान चलाता है जहां से वह पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ट्रेनों के टिकट बेचता था।

इस मामले की केस की जांच कर रहे दादर आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर अमित यादव ने कहा कि ‘हमें मुंडे के बारे में सूचना मिली थी। वह अपनी मोबाइल शॉप से नहीं बल्कि दूसरी जगह किराए का घर लेकर अपना धंधा चलाता था। उसके पास से एक कम्प्यूटर और अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। वह हर रोज बुक टिकट करने के लिए वहां पर जाता था और फिर दुकान पर लौट आता था।’

उन्होंने बताया कि ‘टिकट बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी की विंडो सुबह 8 बजे खुलती है। इसमें पैसेंजर की डिटेल, कैप्चा आदि भरने में समय लगता है। एक आईडी से अधिकतम 7 टिकट ही बुक हो सकती है। लेकिन आरोपी ने प्रतिबंधित रेड मिर्ची नामक सॉफ्टवेयर का उपयोग कर 42 टिकट बुक कर लेता था। इसके साथ ही वह इस सॉफ्टवेयर की मदद से सारी डिटेल भी पहले ही भर लेता था।’

इंस्पेक्टर ने बताया, ‘हमने गुप्त सूचना के आधार पर सुबह 8 बजे उसके ठिकाने पर छापा मार रंगे हाथों पकड़ लिया। 3 लाख 60 हजार की लागत के कुल 107 टिकटों को उसके पास से जब्त किया गया।’