मुंबई, एक तरफ जातिवाद को समाज की सबसे बड़ी बुराई माना जाता रहा है वहीं तरफ बगैर जाति के सरकारी नौकरी नहीं मिलती। हिसके लिए सरकार ने एक अहम् कदम उठाते हुए कानून बनाने का फैसला किया है।

बुधवार को राजभवन में मंत्रालय व विधानमंडल पत्रकार संघ के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री  देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में कहा कि एक लड़की ने महाराष्ट्र राज्य लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) परीक्षा पास की है अगर उसे सामान्य कोटे में रखा जाता है तो वह मेरिट से वंचित हो जाएगी जबकि एससी-एसटी या पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल करने पर वह मेरिट में आ सकती है। परंतु अनाथ होने के कारण उसके जाति का पता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की समस्या के समाधान के लिए सरकार कानून बनाएगी। परीक्षाओं में अनाथों के लिए अलग श्रेणी बनाई जाएगी। वहीँ  विद्यासागर राव ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग का जिक्र करते हुए कहा कि इससे कानून-व्यवस्था के लिए मुश्किलें खड़ी हो रही है।