कमला मिल अग्निकांड में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संयज निरुपम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीएमसी कमिश्नर अजय मेहता पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है। निरुपम ने कहा कि खुद बीएमसी कमिश्नर पर उंगलियां उठ रही हैं तो वह इसकी जांच कैसे निष्पक्ष तरीके से करेंगे। वहीँ संजय निरुपम ने मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। इतना ही नहीं उन्होंने कि बीएमसी कमिश्नर से इस्तीफा लिया जाना चाहिए। अगर वह अगर वह इस्तीफा नहीं देते, तो उन्हें पद से हटाकर इस मामले की सीबीआई या फिर न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।

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निरुपम ने आरोप लगाया कि मोजोस के कुल 6 मालिकों में से 5 नागपुर के हैं। इसमें से सिर्फ एक युग पाठक को ही गिरफ्तार किया जा सका है। नागपुर कनेक्शन होने के कारण मुख्यमंत्री के इशारे पर कमिश्नर अजय मेहता पूरे मामले को दबाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। जिस मोजोज होटल में आग लगी, वह पूरी तरह से गैरकानूनी था, जिसे नागपुर के एक विधायक ने संरक्षण दिया। लेकिन निरुपम ने उस विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं किया।

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निरुपम ने कहा कि कमला मिल में स्मैश नामक मनोरंजन केंद्र में एलिवेटेड रेसिंग ट्रैक की अनुमति नहीं थी, फिर भी वह बनकर तैयार हो गया। कमिश्नर अजय मेहता ने 5 दिन के अंदर उसे अनुमति दे दी। निरुपम ने आरोप लगाया कि एक महीने में ही कमिश्नर मेहता ने 18 होटल और रेस्त्रां को अनुमति दी है। उन सभी होटलों की और उनके अंदर किए गए निर्माण कार्य की जांच की जानी चाहिए।